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अनुसूचित, अन्य परंपरागत वन निवासी क्षेत्रों में ग्राम सभा सर्वोपरी होगी!, किसी भी लोक सेवक को ग्राम सभा के विधिक नियम को संशोधन करने का भी अधिकार नहीं है! ग्राम सभा में गांव में जितने भी भाई बिरादरी बैठे (रहते) है, उस गांव के निवासरत है। वहां सभी इस ग्राम सभा के ताकत एवं सदस्य होंगे, सभी के फैसलों पर ही ग्राम सभा में निर्णय होगा, कई लोग समाज को अभी तक यह भ्रम है! कि आदिवासियों के लिए ग्राम सभा है, ऐसा कहकर इसलिए इस भ्रम को दूर करें और अपनी ताकत खुद बनें और अपनी फैसला खुद ( स्वयं) ले!
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