बुद्धि का विकास
बुद्धि_गतिशील कैसे हो...
मनुष्य बुद्धि से सब जानता है, समझता है बुद्धि संकल्प करता है कि विवेक करता है निर्णय करता है सही क्या, गलत क्या, उचित या अनुचित क्या है, सत्य क्या असत्य क्या अच्छा क्या, बुरा क्या यह ठीक से जानने को विवेक कहते हैं।जब बुद्धि का विकास होता है तो विवेक जागृत होता है।और मनुष्य सही निर्णय लेकर सही व्यवहार या कार्य करता है।तब निरीक्षण करना परीक्षण करना विश्लेषण और संश्लेषण करना तर्क वितर्क अनुमान करना साम्य में भेद की आधार पर तुलना करना आदि माध्यमों से बुद्धि विवेक करता है। मन जब स्थिर एवं शांत होता है तब बुद्धि ठीक से कार्य कर सकता हैं।ज्ञानेंद्रियां संवेदनशील होती है नाड़ी संस्थान शुद्ध होता है।तभी बुद्धि निरीक्षण एवं परीक्षण का कार्य सही ढंग से कर सकता है बुद्धि जब अच्छी तरह से #विवेकशील गतिशील बनता है तब अपने स्वरूप को जानने में सहायक होता है। बुद्धि विकास होना मुक्ति की ओर अग्रसर होने का अगला चरण है शिक्षा से इस प्रकार की बुद्धि का विकास अपेक्षित है।
मनुष्य बुद्धि से सब जानता है, समझता है बुद्धि संकल्प करता है कि विवेक करता है निर्णय करता है सही क्या, गलत क्या, उचित या अनुचित क्या है, सत्य क्या असत्य क्या अच्छा क्या, बुरा क्या यह ठीक से जानने को विवेक कहते हैं।जब बुद्धि का विकास होता है तो विवेक जागृत होता है।और मनुष्य सही निर्णय लेकर सही व्यवहार या कार्य करता है।तब निरीक्षण करना परीक्षण करना विश्लेषण और संश्लेषण करना तर्क वितर्क अनुमान करना साम्य में भेद की आधार पर तुलना करना आदि माध्यमों से बुद्धि विवेक करता है। मन जब स्थिर एवं शांत होता है तब बुद्धि ठीक से कार्य कर सकता हैं।ज्ञानेंद्रियां संवेदनशील होती है नाड़ी संस्थान शुद्ध होता है।तभी बुद्धि निरीक्षण एवं परीक्षण का कार्य सही ढंग से कर सकता है बुद्धि जब अच्छी तरह से #विवेकशील गतिशील बनता है तब अपने स्वरूप को जानने में सहायक होता है। बुद्धि विकास होना मुक्ति की ओर अग्रसर होने का अगला चरण है शिक्षा से इस प्रकार की बुद्धि का विकास अपेक्षित है।
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